Thursday, January 22, 2009

सीख रहा हूँ

मैंने आज ब्लॉग लिखना सीखने के लिए ब्लॉग लिखा हैलिखना सीख रहा हूँ - - - - । हँसी आई ! ठीक ही हैअगर पचपन का आदमी बचपने की बात करे तो बात तो हसने की ही हैअगर कोई मुझे लिखना सिखा दे तो मैं उसका जीवन भर आभारी रहूँगाबशर्ते इसी जीवन में मुझे लिखना पूरी तरह जाएमैं अगर लिखना सीख गया तो मैं किसी एक और को तो लिखना अवश्य सिखा दूंगाकितना सरल गणित हैयदि सभी लिखने वाले लोग सिर्फ़ एक अनपढ़ को लिखना सिखादेंअगले दिन हम दुगने हो जायेंगेऔर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकेंगे

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